Posts

Showing posts from March, 2020

10 best health tips in Hindi :- शरीर को स्वश्थ रखने के आसान उपाय

Image
आज की भाग दौड़ भरी जिंदगी में जो सबसे महत्वपूर्ण साथी है हमारा शरीर , हम कहीं ना कहीं उसकी चिंता नहीं करते है  हम अपने आप की कोई फिकर नहीं करते हैं  न हमारा कोई उठने का समय होता है ना सोने का, और खाने का  भी कोई सही समय नहीं होता है। शरीर को स्वश्थ रखने इन्ही सब बातों को ध्यान में रखते हुए में आपके लिये 10 best health tips लेकर आया हूँ जिनका पालन करके आप स्वस्थ रह सकते है। 1 . सुबह समय से उठे  सुबह की सुरुवात मेडिटेशन,योगा या ध्यान के साथ करें। ताकी आप पुरे दिन भर ऊर्जावान बने रहे ,फिर स्नान करने के बाद नाश्ता जरूर करें। ( किसी ने सही ही कहा हैं की सुबह हमें राजा की तरह खाना चाहिये,दिन में राजकुमार की तरह और रात में राजकुमारी की तरह ) कोशिश करें की नाश्ते में सभी पोषक तत्व हों।  2. प्रयाप्त मात्रा में सोए  हमें रात में काम से काम 7 -8 घंटे की नींद लेनी चाहिये, जो हमारे शरीर के लिए आवश्यक है अगर हम कम नींद लेते है तो हमें दिन भर आलश रहेगा ,और काम में भी मन नहीं लगेगा। और अगर संभव हो तो सोने का निश्चित समय बनाये और उसका पालन करें। 3. आलश न करें  अगर हम अप

सुंदर पिचाई salary

Image
सुंदर पिचाई  (पिचाई सुंदराजन) (जन्म 10 जून, 1972) अमेरिकी व्यवसायी हैं जो  अल्फाबेट कंपनी  के सीईओ और उसकी सहायक कंपनी  गूगल एलएलसी  के सीईओ हैं।  गूगल  ने अपनी कंपनी का नाम अल्फ़ाबेट में बदल दिया। इसके बाद  लेरी पेज  ने गूगल खोज नामक कंपनी का सीईओ सुंदर पिचाई को बना दिया और स्वयं अल्फाबेट कंपनी के सीईओ बन गए। सुन्दर पिचाई  ने गूगल सीईओ का पद ग्रहण 2 अक्टूबर, 2015 को किया। 3 दिसंबर, 2019 को वह अल्फाबेट के सीईओ बन गए प्रारंभिक जीवन और शिक्षा पिचाई का जन्म मदुरै, तमिलनाडु, भारत मे  तमिल परिवार में लक्ष्मी और रघुनाथ पिचाई के घर हुआ। सुन्दर ने जवाहर नवोदय विद्यालय, अशोक नगर, चेन्नई में अपनी दसवीं कक्षा पूरी की और वना वाणी स्कूल, चेन्नई में स्थित स्कूल से बारहवीं कक्षा पूरी की। पिचाई ने मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, खड़गपुर से अपनी बैचलर डिग्री अर्जित की। उन्होने एम. एस. सामग्री विज्ञान में स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय और इंजीनियरिंग और पेनसिल्वेनिया विश्वविद्यालय के व्हार्टन स्कूल से एमबीए किया जहां उन्हे एक विद्वान साइबेल और पामर विद्वान नामित किया गया।

इरा सिंघल

Image
इरा सिंघल  भारतीय सिविल सेवा में कार्यरत हैं। वह  संघ लोक सेवा आयोग  द्वारा वर्ष 2014 में आयोजित  सिविल सेवा परीक्षा  में प्रथम स्थान प्राप्त कर चुकी हैं। सिंघल चौथी बार में ये कामियाबी प्राप्त कर सकी हैं और वह पहली अपाहिज महिला हैं जिन्होंने सर्वजनिक श्रेणी में ऊँचा स्थान पाया है जीवन और शिक्षा इरा सिंघल का जन्म मेरठ में हुआ था। उनके माता पिता का नाम राजेन्द्र सिंघल और अनिता सिंघल है। वह मेरठ के सोफ़िया गर्ल्ज़ स्कूल और दिल्ली के लॉरेटो कॉन्वेन्ट स्कूल में प्रथम स्थान पर रही। इरा स्कोलियोसिस से जूज रही है जिसके कारण रीढ़ की हड्डी प्रभावित है और उससे बाज़ुओं की गति ठीक नहीं होती।   इसके बावजूद इरा ने अपनी स्कूली शिक्षा आर्मी पब्लिक स्कूल, धौलाकुआँ, दिल्ली से सम्पन्न की। इसके पश्चात नेताजी सुभाष प्रौद्योगिकी संस्थान से उसने कम्प्यूटर इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की और फ़ॅकल्टी ऑफ़ मैनेजमेन्ट स्टडीज़, दिल्ली विश्‍वविद्यालय से एम० बी० ए० किया। सार्वजनिक जीवन 2010 में भारतीय राजस्व सेवा (आई आर एस) की परीक्षा में सफल होने के पश्चात भी अधिकारियों ने उसकी किसी वस्तु क

आनन्द कुमार

Image
आनन्द कुमार  (जन्म 1 जनवरी 1973) एक भारतीय  गणितज्ञ ,  शिक्षाविद  तथा बहुत सी राष्ट्रीय तथा अन्तरराष्ट्रीय गणित की पत्रिकाओं के  स्तम्भकार  हैं। उन्हें प्रसिद्धि  सुपर 30  कार्यक्रम के कारण मिली, जो कि उन्होंने  पटना ,  बिहार  से 2002 में प्रारम्भ किया था, जिसके अन्तर्गत आर्थिक रूप से पिछड़े छात्रों को  आईआईटी संयुक्त प्रवेश परीक्षा  की तैयारी करवाया जाता है। 2018 के आँकड़ों के अनुसार, उनके द्वारा प्रशिक्षित 480 में 422 छात्र  भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान  (आईआईटी) के लिये चयनित हो चुके हैं।  डिस्कवरी चैनल  ने भी इनके कार्यों पर लघु फ़िल्म बनाई है। उन्हें  संयुक्त राज्य अमेरिका  के मैसच्युसेट्स प्रौद्योगिकी संस्थान तथा  हार्वर्ड विश्वविद्यालय  द्वारा उनके कार्यों पर बोलने के लिये निमंत्रण मिला। प्रारम्भिक जीवन आनन्द कुमार का जन्म पटना, बिहार में हुआ था। उनके पिताजी भारतीय डाक विभाग में क्लर्क थे। उनके पिताजी निजी विद्यालयों के अधिक खर्चों के कारण उन्हें वहाँ पढ़ा न सके। इस कारण आनन्द कुमार ने हिन्दी माध्यम के सरकारी विद्यालय में दाखिला लिया, जहाँ उन्हें गणित से अत्यधिक लगाव हो

स्वामी विवेकानन्द

Image
स्वामी विवेकानन्द  (जन्म: 12 जनवरी,१८६३ - मृत्यु: ४ जुलाई,१९०२) वेदान्त के विख्यात और प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु थे। उनका वास्तविक नाम  नरेन्द्र नाथ दत्त  था। उन्होंने अमेरिका स्थित शिकागो में सन् १८९३ में आयोजित विश्व धर्म महासभा में भारत की ओर से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया था। भारत का आध्यात्मिकता से परिपूर्ण वेदान्त दर्शन अमेरिका और यूरोप के हर एक देश में स्वामी विवेकानन्द की वक्तृता के कारण ही पहुँचा। उन्होंने रामकृष्ण मिशन की स्थापना की थी जो आज भी अपना काम कर रहा है। वे रामकृष्ण परमहंस के सुयोग्य शिष्य थे। उन्हें 2 मिनट का समय दिया गया था लेकिन उन्हें प्रमुख रूप से उनके भाषण की शुरुआत "मेरे अमरीकी भाइयो एवं बहनो" के साथ करने के लिये जाना जाता है। उनके संबोधन के इस प्रथम वाक्य ने सबका दिल जीत लिया था। कलकत्ता के एक कुलीन बंगाली कायस्थपरिवार में जन्मे विवेकानंद आध्यात्मिकता की ओर झुके हुए थे। वे अपने गुरु रामकृष्ण देव से काफी प्रभावित थे जिनसे उन्होंने सीखा कि सारे जीवो मे स्वयं परमात्मा का ही अस्तित्व हैं; इसलिए मानव जाति अथेअथ जो मनुष्य दूसरे जरूरत मंदो